जवारे क्यों रखे जाते हैं?
नवरात्रि में जौ इसलिए बोया जाता है क्योंकि सृष्टि की शुरुआत में जौ ही सबसे पहली फसल थी। जौ उगने या न उगने को भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान के तौर पर देखा जाता है। ज्वारे बोते समय इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें रोज पूजा के समय पानी दें। मिट्टी के कलश में ही ज्वारें बोएं।
जवारे कैसे बनाए जाते हैं?
जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है। जब यह अंकुर पांच-छह पत्तों का हो जाता है तो अंकुरित बीज का यह भाग ज्वारा कहलाता है। औषधीय विज्ञान में गेहूं का यह ज्वारा काफी उपयोगी सिद्ध हुआ है।
नवरात्रि में जौ कैसे बोये?
यह हवन में देवी-देवताओं को चढ़ाई जाती है यही कारण है। वसंत ऋतु की पहली फसल जौ ही होती है, जिसे हम देवी को अर्पित करते हैं। इसके अलावा मान्यता तो यह भी है कि जौ उगाने से भी भविष्य से संबंधित भी कुछ बातों के संकेत मिलते हैं। यदि जौ तेजी से बढ़ते हैं तो घर में सुख-समृद्धि तेजी से बढ़ती है।
माता के जवारे कैसे बोए जाते हैं?
नवरात्रि के दौरान की जाने वाली कलश स्थापना के समय उसके नीचे रेत रखकर इस जौ (जवारे) को उगाया जाता है। जौ बोने की यह प्रथा हमें यह सीख देती है कि हम सदैव अपने अन्न और अनाज का सम्मान करें। इसीलिए, वसंत ऋतु की इस पहली फसल को हम देवी माँ को अर्पित करते हैं।